

यूपी में धड़ल्ले से गरज रहा है बाबा का बुलडोजर — मेरठ में 35 साल पुरानी सेंट्रल मार्केट जमींदोज, लोगों की आंखों में आंसू, व्यापारियों में हाहाकार
मेरठ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बाबा के बुलडोजर’ का कहर एक बार फिर देखने को मिला। मेरठ सिटी के शास्त्रीनगर स्थित 35 वर्ष पुरानी सेंट्रल मार्केट पर शनिवार को प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर की गई इस कार्रवाई में पूरी मार्केट कुछ ही घंटों में जमींदोज कर दी गई। इस दौरान कई दुकानदारों की आंखों में आंसू थे, कोई अपना सामान समेट रहा था तो कोई प्रशासन से आखिरी विनती करता नजर आया।
प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ सुबह करीब 9 बजे शास्त्रीनगर पहुंची। इलाके को चारों ओर से घेरकर जेसीबी मशीनों को मौके पर लगाया गया। कुछ ही देर में 35 साल से कारोबार का केंद्र रही यह मार्केट मलबे में तब्दील हो गई। कार्रवाई के दौरान व्यापारियों और स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश और मायूसी देखी गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, सेंट्रल मार्केट का निर्माण वर्षों पहले बिना वैध नक्शे और अनुमति के कराया गया था। लंबे समय से यह मामला अदालत में लंबित था। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आदेश दिया कि इस अवैध निर्माण को तत्काल हटाया जाए। आदेश मिलते ही मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) और नगर निगम की संयुक्त टीम ने शनिवार को कार्रवाई को अंजाम दिया।
आंसुओं में डूबे व्यापारी बोले – ‘सरकार चाहती तो कोई रास्ता निकाल सकती थी’
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कई भावनात्मक दृश्य सामने आए। एक महिला व्यापारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वह रोते हुए कहती दिख रही है – “सरकार चाहती तो कोई रास्ता निकाल सकती थी, हमारा रोजगार बच सकता था… हमने सालों की कमाई यहीं लगा दी थी।”
वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी तेजी से आ रही हैं — कुछ लोग सरकार के सख्त रवैये की तारीफ कर रहे हैं, तो कई इसे “रोजगार पर प्रहार” बता रहे हैं।
प्रशासन का पक्ष
मेरठ विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि “यह कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के पालन में की गई है। संबंधित व्यापारियों को पूर्व में नोटिस जारी कर दिया गया था, लेकिन अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, इसलिए आज की कार्रवाई अपरिहार्य थी।”
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह का राजनीतिक या व्यक्तिगत निर्णय इसमें शामिल नहीं है — यह पूरी तरह न्यायिक निर्देश के अनुसार की गई कानूनी कार्रवाई है।
‘बाबा का बुलडोजर’ फिर चर्चा में
मेरठ की यह घटना एक बार फिर “बाबा के बुलडोजर” को सुर्खियों में ले आई है। योगी सरकार में अवैध निर्माण, भूमाफिया और अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई को लेकर यूपी लगातार चर्चा में रहा है।
सरकार का कहना है कि “कानून से ऊपर कोई नहीं”, जबकि विपक्ष अक्सर इन कार्रवाइयों को “जनता के साथ अन्याय” बताता है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि मार्केट में करीब 50 से अधिक दुकानें थीं, जिनसे सैकड़ों लोगों का रोजगार जुड़ा था। अचानक हुई कार्रवाई से कई परिवार सड़कों पर आ गए हैं। एक दुकानदार ने कहा — “हमारी रोजी-रोटी चली गई, बच्चों की फीस तक देने के पैसे नहीं बचे।”
दूसरी ओर कुछ लोगों ने कहा कि प्रशासन ने सही किया, क्योंकि यह मार्केट अवैध रूप से बनी थी और ट्रैफिक व सुरक्षा के लिहाज से खतरा पैदा कर रही थी।
निष्कर्ष
मेरठ की सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण ने एक बार फिर यूपी में चल रहे बुलडोजर राज पर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर सरकार इसे “कानून का शासन” कह रही है, वहीं दूसरी ओर गरीब और मध्यमवर्गीय व्यापारियों की बेबसी सवाल खड़े कर रही है।
अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा या यह मामला भी सिर्फ मलबे के ढेर के साथ इतिहास बनकर रह जाएगा।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह














